डार्क चॉकलेट खाने से मजबूत हो सकता है इम्यून सिस्टम

By: एबीपी न्यूज़
Updated: 25 Apr 2018 06:18 PM

नई दिल्लीः कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि डार्क चॉकलेट खाने से वजन कम करने से लेकर हार्ट तक को हेल्दी बनाया जा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं डार्क चॉकलेट से इम्यून सिस्टम भी मजबूत किया जा सकता है. हाल ही में एक शोध में बात सामने आई है.


क्या कहती है रिसर्च-
रिसर्च के मुताबिक, डार्क चॉकलट खाना ओवरऑल हेल्थ के लिए अच्छा हो सकता है. दरअसल, डार्क चॉकलेट खाने से तनाव कम होता है जिससे ना सिर्फ मूड अच्छा होता है और याददाश्त, बढ़ती है बल्कि इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है.


रिसर्च में पाया गया कि डार्क चॉकलेट में कोको फ्लेवनॉयड अधिक मात्रा में पाया जाता है जो कि सेहत के लिए फायदेमंद होता है.


क्यों की गई रिसर्च-
रिसर्च में ये जानने की कोशिश की गई है कि कोको फ्लेवनॉयड कैसे ब्रेन, हार्ट, नर्व्स सिस्टम को प्रभावित करता है और कैसे ये सेहत के लिए अच्छा हो सकता है.


क्या है कोको फ्लेवनॉयड-
फ्लेवनॉयड एक नैचुरल न्‍यूट्रिशन है जो आमतौर पर फलों, सब्जियों और अनाज में पाया जाता है.


क्या कहते हैं एक्स‍पर्ट-
अमेरिका की लोमा लिंडा यूनवर्सिटी के ली एस बर्क का कहना है कि सालों तक ये रिसर्च की गई कि जिसमें देखा गया कि डार्क चॉकलेट में मौजूद शुगर लेवल कैसे नर्व्स सिस्टम पर इफेक्ट डालता है. साथ कि ये भी देखा गया कि क्या अधिक शुगर के सेवन से हम खुश रहते हैं.


रिसर्च के नतीजे-
रिसर्च में पाया गया कि कोको के अधिक सेवन से याददाश्त, मानसिक स्थिति और प्रतिरोधक क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.  दरअसल, कोको में पाए जाने वाला फ्लेवनॉयड्स तत्व काफी शक्तिशाली प्रतिरोधक और सूजन रोधी होता है जो ब्रेन, हार्ट और अन्य अंगों के लिए लाभकारी होता हैं.


ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुन क्रू.ष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.

World Cup 2019

ABP Ganga

दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

New post added in sports-

उरी: सर्जिकल स्ट्राइक स्टार विक्की कौशल इस तरह सेलिब्रेट करेंगे अपना 31 बर्थडे

Sports test postt-

अली जफर के वेब शो में सलमान खान करेंगे डिजिटल में एंट्री

पीएम का जयापुर कितना बदला है, एबीपी गंगा की रिपोर्ट

पीएम मोदी के गोद लिये गांव जयापुर का हाल क्या है। एबीपी गंगा ने एक रिपोर्ट तैयार की है। विकास कार्य नहीं हुए ऐसा नहीं कहा जा सकता लेकिन अभी भी स्वास्थ और पीने का पानी को लेकर काफी काम किया जाना बाकी है।

पीएम मोदी के गोद लिये गांव जयापुर का हाल क्या है। एबीपी गंगा ने एक रिपोर्ट तैयार की है। विकास कार्य नहीं हुए ऐसा नहीं कहा जा सकता लेकिन अभी भी स्वास्थ और पीने का पानी को लेकर काफी काम किया जाना बाकी है।

पीएम का जयापुर कितना बदला है, एबीपी गंगा की

पीएम मोदी के गोद लिये गांव जयापुर का हाल क्या है। एबीपी गंगा ने एक रिपोर्ट तैयार की है। विकास कार्य नहीं हुए ऐसा नहीं कहा जा सकता लेकिन अभी भी स्वास्थ और पीने का पानी को लेकर काफी काम किया जाना बाकी है।