क्या है आर्टिकल 370 और क्यों हो रहा है इस पर विवाद, जानें 10 पॉइंट्स में

जम्मू कश्मीर को आर्टिकल 370 और 35ए के तहत केन्द्र सरकार के द्वारा विशेष अधिकार दिया जाता है. वर्तमान में देश में इन दोनों ही मुद्दे पर काफी चर्चा चल रही है और देश के कुछ हिस्सों से यह भी मांग की जा रही है कि जम्मू कश्मीर को दिए जाने वाले विशेषाधिकारों को खत्म कर दिया जाए.

By: admin
 | Updated: 26 Feb 2019 09:00 AM
What is Article 370 Know All About Article 370 in Hindi in 10 Points
Article 370 in Hindi
By: admin
Updated: 26 Feb 2019 09:00 AM
नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर को आर्टिकल 370 और 35A के तहत केन्द्र सरकार के द्वारा विशेष अधिकार दिया जाता है. वर्तमान में देश में इन दोनों ही मुद्दे पर काफी चर्चा चल रही है और देश के कुछ हिस्सों से यह भी मांग की जा रही है कि जम्मू कश्मीर को दिए जाने वाले विशेषाधिकारों को खत्म कर दिया जाए. ऐसे में हम यहां आपको बता रहे हैं क्या है आर्टिकल 370 और इससे कश्मीर को किस तरह का मिलता है विशेष अधिकार.

1. भारतीय संविधान के अनुसार आर्टिकल 370 जम्मू कश्मीर को स्पेशल स्टेटस देता है. हालांकि, यह एक टेंपररी प्रोविजन है. शेख अब्दुल्लाह नहीं चाहते थे कि इसे टेंपररी प्रोविजन बनाया जाए.


2. इसके तहत भारतीय संविधान का कोई भी नियम जो कि देश के हर राज्यों पर लागू होता है वह जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता है.

3. यह आर्टिकल जम्मू कश्मीर को यह अधिकार देता है कि रक्षा, विदेश और कम्युनिकेशन को छोड़कर किसी भी मामले पर कानून बनाने और उसे राज्य में लागू करने के लिए केन्द्र सरकार को राज्य सरकार की सहमति आवश्यक है.

4. आर्टिकल 360 के तहत केन्द्र सरकार जम्मू कश्मीर में फाइनेंशियल इमरजेंसी नहीं लगा सकती है. यहां सिर्फ युद्द और बाहरी हस्तक्षेप की स्थिति में आपातकाल लगाया जा सकता है.

5. इस आर्टिकल के कारण आर्टिकल 238 जिसे कि साल 1956 में संविधान से हटा दिया गया वह जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता था.

6. भारतीय संविधान के निर्माता डॉ बीआर अम्बेडकर ने आर्टिकल 370 के प्रोविजन को ड्राफ्ट करने से इनकार कर दिया था.

7. साल 1949 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने कश्मीरी नेता शेख अब्दुल्लाह को निर्देश दिया था कि वह देश के कानून मंत्री बीआर अम्बेडकर से कश्मीर के लिए उपयुक्त कानून ड्राफ्ट करवाएं.

8. बीआर अम्बेडकर के इनकार कर दिए जाने के बाद इस आर्टिकल को गोपालास्वामी अय्यंगार ने बनाया.

9. गोपालास्वामी अय्यंगार जवाहर लाल नेहरू के पहले कैबिनेट में बिना किसी मंत्रालय के मंत्री थे. वह जम्मू कश्मीर के महाराजा हरि सिंह के दीवान भी रह चुके थे.

10. आर्टिकल 370 के तहत भारतीय संसद जम्मू कश्मीर राज्य के बॉर्डर को कम और अधिक नहीं कर सकती है.
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