अमेरिकी महिला के गर्भाशय से निकला 132 पाउंड का ट्यूमर

अमेरिका के कनेक्टिकट की रहने वाली 38 वर्षीय महिला के गर्भाशय से 132 पाउंड वजनी ट्यूमर निकाला गया है. इस ट्यूमर की लंबाई लगभग तीन फीट है. महिला की इच्छानुसार उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है. यह ट्यूमर नवंबर 2017 में प्रति सप्ताह लगभग 10 पाउंड की दर से बढ़ना शुरू हुआ था.

By: एबीपी न्यूज़
 | Updated: 03 Aug 2018 06:10 PM
132-pound ovarian tumor removed from American woman
Demo Pic
By: एबीपी न्यूज़
Updated: 03 Aug 2018 06:10 PM

नई दिल्लीः अमेरिका के कनेक्टिकट की रहने वाली 38 वर्षीय महिला के गर्भाशय से 132 पाउंड वजनी ट्यूमर निकाला गया है. इस ट्यूमर की लंबाई लगभग तीन फीट है.


महिला की इच्छानुसार उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है. यह ट्यूमर नवंबर 2017 में प्रति सप्ताह लगभग 10 पाउंड की दर से बढ़ना शुरू हुआ था.


गायनोकोलॉजिस्ट ऑन्कोलॉजिस्ट एक्सपर्ट डॉ. वागन एंडिक्यान जो इस मामले में प्रमुख सर्जन हैं के मुताबिक, 12 सर्जनों सहित एक पूरी मेडिकल टीम ने 14 फरवरी को कनेक्टिकट के डनबरी अस्पताल में पांच घंटे तक चली सर्जरी में इसे बाहर निकाला.


डॉ. वागन के मुताबिक, हमने महिला का दायां अंडाशय और दायां फैलोपियन ट्यूब निकाल दिया. यहीं पर यह ट्यूमर बढ़ रहा था.


डॉ. ने आगे बताया कि आमतौर पर ऐसे ट्यूमर साइज में बड़े ही होते हैं लेकिन ये काफी ज्यादा बड़ा है. ऐसा रेयर कंडीशन में ही होता है. ये ट्यूमर दुनियाभर में सबसे ज्यादा बड़े ट्यूमर्स में शामिल हो गया है.


डॉक्टर्स की टीम ने बताया कि ऐसे बडे ट्यूमर के होने से एब्डमन में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. ये महिला ठीक से खा नहीं पा रही थी, चल नहीं पा रही थी. इतना ही नहीं ब्ल‍ड फ्लो कम होने से महिला को ब्लड क्लोटिंग होने का खतरा भी बढ़ गया था.


सर्जरी के तीन महीने बाद पेशे से शिक्षिका मरीज की हालत में सुधार हो रहा है और वह अब काम पर लौट गई हैं.

World Cup 2019

ABP Ganga

दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

New post added in sports-

उरी: सर्जिकल स्ट्राइक स्टार विक्की कौशल इस तरह सेलिब्रेट करेंगे अपना 31 बर्थडे

Sports test postt-

अली जफर के वेब शो में सलमान खान करेंगे डिजिटल में एंट्री

पीएम का जयापुर कितना बदला है, एबीपी गंगा की रिपोर्ट

पीएम मोदी के गोद लिये गांव जयापुर का हाल क्या है। एबीपी गंगा ने एक रिपोर्ट तैयार की है। विकास कार्य नहीं हुए ऐसा नहीं कहा जा सकता लेकिन अभी भी स्वास्थ और पीने का पानी को लेकर काफी काम किया जाना बाकी है।

पीएम मोदी के गोद लिये गांव जयापुर का हाल क्या है। एबीपी गंगा ने एक रिपोर्ट तैयार की है। विकास कार्य नहीं हुए ऐसा नहीं कहा जा सकता लेकिन अभी भी स्वास्थ और पीने का पानी को लेकर काफी काम किया जाना बाकी है।

पीएम का जयापुर कितना बदला है, एबीपी गंगा की

पीएम मोदी के गोद लिये गांव जयापुर का हाल क्या है। एबीपी गंगा ने एक रिपोर्ट तैयार की है। विकास कार्य नहीं हुए ऐसा नहीं कहा जा सकता लेकिन अभी भी स्वास्थ और पीने का पानी को लेकर काफी काम किया जाना बाकी है।